Big Dreamer Part 1
यह कहानी है एक ऐसे लड़के की, जिसने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा, और जिंदगी में तीन खास चीज हासिल की। रवि एक छोटे से शहर में पला-बढ़ा था। उसके घर की हालत बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। ऐसे हालात में भी, वो दिन में वो कॉमर्स की क्लास करता, फिर शाम होते ही बॉक्सिंग करता, और रात को छत पर गाना गाकर गिटार बजाता था और अपनी ही धुन में खोया रहता था। उसके आस-पास के लोग अक्सर हँसते हुए कहते, "पहले एक काम तो ठीक से कर लो। तीन नावों में एक साथ चढ़ोगे तो डूबना तय है।" वो बस मुस्कुराता रहता, लेकिन अंदर से हर बात उसे गहराई से छू जाती थी। और जब रवि CA की पहली परीक्षा में फेल हुआ, तो उसे खुद पर शक होने लगा। गिटार की धुनें भी अब अजीब लगने लगीं, और बॉक्सिंग के पंच भी पहले जैसे ताकतवर नहीं रहे। एक शाम उसके पिता ने उससे कहा - "बेटा, जो भी करो, दिल से करो। आधे मन से किया हुआ काम कभी पूरा नहीं होता।" उस दिन के बाद रवि ने अपने तरीके तो नहीं बदले, बस और ज़िम्मेदार हो गया। उसने समय को सही तरह से बाँटना सीख लिया - सुबह पढ़ाई के लिए, शाम को मुक्केबाज़ी के लिए, और रात को संगीत के लिए। तीन साल बाद रवि न सिर्फ चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गया, बल्कि राज्यस्तर की बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी पदक जीत लिया। और उसी साल उसका पहला गाना लॉन्च हुआ और लाखों लोगों के दिल तक पहुँच गया।
मोरल: "जब कोई अपने सपनों के पीछे पूरे दिल से मेहनत करता हैं, तो कोई भी मुश्किल रास्ता उसे रोक नहीं सकता। ज़िंदगी में संतुलन बनाए रखना और हर काम को पूरी लगन से करना ही सफलता की असली कुंजी है।