14 लड़कियों की दास्तां
14 लड़की के जागने के बाद भी नहीं हुआ लड़का। रफ़ीक एक कार ड्राइवर जो 14 लड़कियों का बाप है। कैसा उनका पालन पोषण करता है ये सिर्फ उसी की ही परेशानी को पता है। लेकिन वो 14 लड़की होने का कारण सिर्फ एक लड़का होने की ख्वाइश थी जो हुआ ही नहीं, जब उसकी पहली बेटी हुई तो रफीक और उनकी घरवाली का खुशी का ठिकाना ना रहा और कई महीनों तक घर में खुशियां ही खुशियां रही फिर दूसरी बेटी पैदा हुई लेकिन घर वालों को थोड़ा झटका लगा, कि हमने बेटा होने की उम्मीद की थी लेकिन फिर बेटी हो गई। कोई नहीं अगली बार बेटा जरूर पैदा होगा, लेकिन अगली बार भी बेटी ही पैदा हो जाती है। अब तो दोनों पति पत्नी और रफीक के घरवाले बिल्कुल ना खुश हो जाते लेकिन उम्मीद रखते है कि अगला बेटा ही पैदा होगा लेकिन बेटा नहीं फिर भी बेटी ही हो जाती है, ओहो अब तो उनका पूरे परिवार का मन विचलित होने लग गया लेकिन फिर भी एक बेटा की उम्मीद लगाए बैठे थे अभी भी। लेकिन शायद रफीक के किस्मत में बेटा होने का नसीब ही नहीं था, बेटे होने का इंतजार करते करते उनकी 14 लड़की हो हो जाती है। लेकिन उनका बेटा नहीं हो पाता
मोरल - बेटा हो या बेटी दोनों को समान दर्जा देना चाहिए दोस्तो ये कहानी एक सच्ची घटना है हमने चलते सफर में इतनी ही सुनी आगे क्या हुआ और आज किस हालत में है उनका परिवार यदि पता चलेगा तो आपको जरूर सुनाएंगे।